हंसल मेहता और राजकुमार राव की ‘ओमर्टा’ को ज़रुर देखें

हॉट फ्राइ़डे टॉक्स इस फिल्म को 3 स्टार देता है।

 
हंसल मेहता और राजकुमार राव की ‘ओमर्टा’ को ज़रुर देखें
हंसल मेहता और राजकुमार राव की ‘ओमर्टा’ को ज़रुर देखें

हंसल मेहता और राजकुमार राव की जोड़ी जब भी साथ आती है तो कुछ नया ही करती है। ‘ओमर्टा’ यह इस जोड़ी की चौथी फिल्म है। इस जोड़ी ने इस बार अहमद ओमार सईद शेख को चुना है। पाकिस्तान में जन्मा और लंदन में पला-बढ़ा और हाइली एज्युकेटेड युवा कैसे आतंकवादी बन जाता है, इसी पर यह फिल्म बनी है। इस फिल्म ने बहुत से फिल्म फ़ेस्टिवल में प्रशंसा बटोरी है।

फिल्म की कहानी

इस फिल्म की कहानी साल 2005 में एक्टर मुकुल देव ने हंसल मेहता को बताई थी।
इस फिल्म की कहानी साल 2005 में एक्टर मुकुल देव ने हंसल मेहता को बताई थी।

फिल्म की कहानी में 1994 में दिल्ली में हुए विदेशी पर्यटकों के अपहरण, 9/11 के हमले और साल 2002 में वॉल स्ट्रीट के पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या को दिखाया गया है। पढ़ा लिखा ओमार बोस्निया में एक ख़ास समुदाय के साथ हो रहे अन्याय को देखने के बाद अंदर से हिल जाता है और जिहाद की ओर आकर्षित होता है। फिल्म का टाइटल ओमर्टा एक इटालियन शब्द है, जिसका इस्तेमाल उन आतंकवादियों के लिए किया जाता है जो लाख यातनाओं के बाद भी पुलिस अधिकारियों के सामने टूटते नहीं।

फिल्म में क्या है खास

फिल्म के दो मुख्य सीन्स पर सैंसर बोर्ड ने कैंची चलाई
फिल्म के दो मुख्य सीन्स पर सैंसर बोर्ड ने कैंची चलाई

यह फिल्म किसी आतंकवादी को ग्लोरीफाई नहीं करती। एक नौजवान उस रास्ते को क्यों चुनता है यह इस फिल्म में दिखाया गया है। राजकुमार राव जिस किरदार को करते हैं उसे बखूबी निभाते हैं। इस फिल्म में भी राजकुमार की एक्टिंग काफी उम्दा स्तर की है। फिल्म में दिखाई गई रियल लोकेशन, न्यूज़ चैनलों की रियल फुटेज और रियल तस्वीरें भी फिल्म को रियलिस्टिक बनाती हैं।

फिल्म में क्या है मिसिंग

हंसल मेहता कभी भी ओमार के परिवार या उसके किसी भी क़रीबी से नहीं मिले, इसलिए इस फिल्म में उन्होंने सिनेमेटिक लिबर्टी ली है।
हंसल मेहता कभी भी ओमार के परिवार या उसके किसी भी क़रीबी से नहीं मिले, इसलिए इस फिल्म में उन्होंने सिनेमेटिक लिबर्टी ली है।

फिल्म में ओमार की निजी ज़िंदगी के पहलू को नहीं दिखाया गया। उसको लेकर जो बातें और जिन गतिविधियों को दिखाया गया है, वह हमें विकीपीडिया और न्यूज़ में भी जानने को मिल गई थीं। उसके व्यक्तित्व की कुछ पर्सनल चीजों को दिखाया जाना ज़रुरी था । इस बात को लेकर दर्शक कुछ अधूरा सा महसूस करता है। ओमार के पिता की उसके इस जेहाद के लिए मंज़ूरी ना देना,बेटे को लेकर चिंता करना कुछ ऐसी बातें हैं जो उसकी निजी जिंदगी और उनके परिवार को समझने में सहायता करती है, लेकिन उसकी शादी, बीवी और निजी जिंदगी के अन्य पहलुओं को गहराई से नहीं दिखाया गया।

क्या फिल्म देखनी चाहिए

फिल्म को पहले अप्रैल में रिलीज़ होना था, लेकिन सैंसर बोर्ड के कारण फिल्म अब जाकर रिलीज़ हुई
फिल्म को पहले अप्रैल में रिलीज़ होना था, लेकिन सैंसर बोर्ड के कारण फिल्म अब जाकर रिलीज़ हुई

अगर आप ऐसे सिनेमा के शौकीन हैं जो मुद्दों को परोसता है तो आप इसे ज़रूर देखिए , अगर आप भी जिहाद से जुड़े लोगों के बारे में जानना चाहते हैं तो यह फिल्म ज़रूर देखिए, अगर आप हंसल मेहता और राजकुमार राव की जोड़ी के मैजिक को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं तो यह फिल्म ज़रूर देखिए, क्योंकि ऐसे बोल्ड विषयों पर हंसल और राजकुमार ही फिल्में बना सकते हैं। हॉट फ्राइडे टॉक्स इस फिल्म को तीन स्टार देता है।