वो फिल्में जिनके रिलीज़ से पहले अचानक बदल दिए गए नाम

वो फिल्में जिनके टाइटल बदलने पर मजबूर हुए फिल्म मेकर्स

 
movies title changed before release

सलमान ख़ान अपने जीजा आयुष शर्मा को ‘लवरात्रि’ फ़िल्म के ज़रिए लॉन्च कर रहे थे, लेकिन अब उनकी इस फिल्म का नाम बदलकर ‘लवयात्री’ कर दिया गया है। इसकी जानकारी खुद सलमान खान ने अपने ट्विटर अकाउंट से दी। सलमान खान ने लिखा कि आयुष शर्मा की फ़िल्म ‘लवरात्रि’ का नाम बदलकर ‘लवयात्री’ कर दिया गया है। सलमान ने इस बात पर चुटकी लेते हुए लिखा है कि ‘ये स्पेलिंग मिस्टेक नहीं है…’ ऐसा पहली बार नहीं है जब फ़िल्म के नाम पर आपत्ति के कारण फिल्म का नाम बदला गया हो। चलिए नज़र डालते हैं उन बॉलीवुड फ़िल्मों पर जिन्हे कई मौकों पर फिल्मों के नामों से ख़ौफ़ खाना पड़ा और फिर फिल्म की रिलीज़ से पहले उन्हें फिल्मों के नाम बदलने पड़े।

पद्मावती बनी पद्मावत

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रानी पद्मावती का किरदार दीपिका पादुकोणे ने निभाया था

फ़िल्म ‘पद्मावत’ को लेकर काफ़ी सारा विवाद हुआ। यह फ़िल्म पद्मावती नाम की एक साहित्यिक किरदार पर बनी है, लेकिन पौराणिक कथा में पद्मावती को वीर राजपूत रानी के तौर पर देखा जाता है। राजपूतों के संगठन होने का दावा करने वाली करणी सेना इस फ़िल्म का विरोध कर रही थी। उनका कहना था की फिल्म में रानी को इस कदर नहीं दिखा सकते और तो और उन्हें फिल्म के नाम से भी बहुत परेशानी हुई। अपनी फिल्म को लेकर चल रही लड़ाई में फ़िल्मकार संजय लीला भंसाली को झुकना ही पड़ा और उन्हें अपनी फिल्म का नाम पद्मावती से पद्मावत करना पड़ा।

रामलीला से बनी गोलियों की रासलीला राम-लीला

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इस फिल्म में दीपिका और रणवीर सिंह की जोड़ी को खूब सरहाना मिली थी

संजय लीला भंसाली की एक और फिल्म रामलीला के टाइटल पर भी काफी ज़्यादा हंगामा हुआ था। इस फिल्म के टाइटल पर इतना विवाद बढ़ गया था की लोगों ने इसे रिलीज नहीं होने देने की धमकी तक दे डाली थी। ऐसे में मजबूरन संजय लीला भंसाली को इसका नाम बदलना पड़ा। बाद में दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म का नाम गोलियों की रासलीला राम-लीला कर दिया गया।

रैंबो राजकुमार से बनी आर. राजकुमार

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इस फिल्म में शाहिद कपूर के साथ सोनाक्षी सिन्हा थी

जाने माने निर्देशक प्रभु देवा की हिंदी फिल्म आर.राजकुमार लोगों को काफी पसंद आई थी। इस फिल्म के गाने भी काफी लोकप्रिय हुए लोगों के बीच। हालांकि, इसका टाइटल पहले रैंबो राजकुमार रखा गया था, पर हॉलिवुड फिल्म सीरीज रैंबो के मेकर्स ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद प्रभु देवा ने फिल्म के नाम को बदलने में ही अपनी भलाई समझी। उन्हें भी रिलीज़ से करने से पहले अपनी फिल्म का नाम बदलना पड़ा।

जाफ़ना बनी मद्रास कैफ़े

madras cafe
जॉन अब्राहम की एक्टिंग को खूब पसंद किया गया फिल्म मद्रास कैफ़े में

2013 में आई जॉन अब्राहम की फ़िल्म ‘मद्रास कैफ़े’ का नाम पहले ‘जाफ़ना’ रखा गया था। तमिलों के एक बड़े संगठन को इस फ़िल्म पर आपत्ति थी।

इस संगठन का आरोप था कि फ़िल्म में एलटीटीई को आतंकी संगठन के तौर पर दर्शाया गया है। जाफ़ना श्रीलंका का वो शहर है जहां श्रीलंका की सेना और एलटीटीई के बीच हुए गृह युद्ध के बाद तमिल समुदाय को विस्थापित किया गया था। इसको लेकर खूब विवाद हुआ और फिल्म के निर्देशक शूजित सरकार और फिल्म के अभिनेता और निर्माता जॉन अब्राहम को फिल्म रिलीज़ से पहले फिल्म का नाम जाफ़ना से हटा कर मद्रास कैफ़े करना पड़ा।

बिल्लु बार्बर बनी बिल्लु

billu barber
फिल्म बिल्लु में इरफ़ान और शाहरुख़ के अलावा लारा दत्ता का भी अहम रोल था

इरफ़ान खान स्टारर फिल्म बिल्लू की कहानी ऑडियंस के दिल को छू गई थी। हालांकि, इसके नाम को लेकर जरूर हंगामा हुआ था। पहले मेकर्स ने फिल्म का नाम बिल्लू बार्बर रखा था, जिस पर हेयर स्टाइलिस्ट असोसिएशन ने आपत्ति जताते हुए कहा था यह उनकी इमेज को ठेस पहुंचाता है। शाहरुख़ खान इस फिल्म में एक अहम किरदार निभाया था और वो इस फिल्म के निर्माता भी थे। फिल्म के बढ़ते विवाद को देखते हुए फिल्म के नाम में से बार्बर हटा दिया गया और सिर्फ बिल्लु ही रखा गया।

सिंह साहिब द ग्रेट बनी सिंह साब द ग्रेट

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सनी देओल के साथ पहली बार काम किया है उर्वर्शी रौतेला ने

अनिल शर्मा ने गदर-एक प्रेम कथा की सफलता के बाद सनी देओल के साथ फिल्म सिंह साब द ग्रेट बनाई। इसका ऑरिजनल टाइटल सिंह साहिब द ग्रेट था, लेकिन अकाल तख्त ने इस पर आपत्ति जताई क्योंकि साहिब शब्द पांच सिख तख्त के जत्थेदार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में मेकर्स को फिल्म का टाइटल बदलना ही पड़ा और बाद में अकाल तख्त को इसकी पूरी जानकारी भी देनी पड़ी की उन्होंने फिल्म का नाम बदल दिया है अब फिल्म का नाम ‘ सिंह साब द ग्रेट ‘ ना की सिंह साहिब द ग्रेट

अमन की आशा बनी टोटल सियापा

total siyappa
इस फिल्म में अनुपम खेर और किरण खेर के काम को भी खूब पसंद किया गया था।

2014 में आई यामी गौतम और अली ज़ाफ़र की फ़िल्म ‘टोटल सियापा’ का नाम ‘अमन की आशा’ था, लेकिन अमन की आशा एक पॉप्युलर सोशल इनिशटिव है जिसे पाकिस्तान के जांग ग्रुप और भारत में टाइम्स ऑफ इंडिया ने शुरू किया था। इस टाइटल के कॉपीराइट भी इनके पास ही है। ‘अमन की आशा’ के नाम से दोनों देशों के मीडिया ग्रुप ने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति अभियान शुरू किया था। इस टाइटल के चलते इस नाम पर विरोध खूब जताया गया था। ऐसे में मेकर्स को फिल्म का नाम बदलना पड़ा। ‘अमन की आशा’ से उन्हें फिल्म का नाम फ़िल्म ‘टोटल सियापा’ रखा।

अक्सर फिल्म रिलीज़ से पहले फिल्म मेकर्स को इस तरह की परेशानियों से गुज़ारना पड़ता है। उम्मीद हैं कि आने वाले समय में फिल्म मेकर्स को वो आज़ादी मिले जिसके चलते वो बिना किसी डर और रुकावट के अपनी फिल्मों को जैसा वो चाहते है, जैसे नाम के साथ चाहते हैं वैसा रिलीज़ कर सके।