ऐसा नहीं कि मेरे पास कोई काम नहीं था,जो मैं संजू पर फिल्म बनाता- राजू हिरानी

संजय को भी बता दिया था कि उसे ग्लोरिफाई करने के लिए फिल्म नहीं बना रहा

 

राजू हिरानी इंडस्ट्री के ऐसे निर्देशक हैं, जिनकी फिल्मों का इंतजार हर कोई करता है। मुन्ना भाई सीरिज़ की दो फिल्में बनाने वाले राजू हिरानी की आमिर खान के साथ बनी ‘पी के’ भी सभी को पसंद आई थी। 29 जुलाई को एक बार फिर से वह तैयार है फिल्म ‘संजू’ के साथ। हालांकि इस फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के बाद से ही इन बातों की चर्चा थी कि क्या राजू हिरानी, संजय दत्त को ग्लोरिफाई करने के लिए यह फिल्म बना रहे हैं।

मैं खाली नहीं था कि जो भी फिल्म बना लूं

तीन साल से लिख रहे थे ‘संजू’ की कहानी

‘संजू’ की कहानी को 3 साल देने वाले राजू हिरानी आखिरकार अब बॉक्स ऑफ़िस पर आने को तैयार है। इस फिल्म में संजय दत्त की ज़िंदगी के सभी उतार-चढ़ाव को दिखाया गया है। हालांकि यह सवाल बार बार उठाये जा रहे हैं कि क्या संजय दत्त को क्लीन चिट देने के लिए इस फिल्म का निर्माण किया गया? इस पर राजू हिरानी कहते हैं, “मेरी लाइफ ऐसी नहीं थी कि मैं खाली बैठा था। मैं उस स्टेज पर हूं, जहां मैं इस बात का चयन कर सकता हू कि आखिर मुझे क्या बनाना है। अपने तीन साल कोई भी ऐसे नहीं लगा देता, जब तक कि उसकी कोई मजबूरी ना हो। मेरी क्या मजबूरी, मेरे पास तो मुन्नाभाई की कहानी थी, जिसे मैं लिख रहा था। संजू की कहानी ने मुझे आकर्षित किया इसलिए मैंने फिल्म बनाई।”

संजय दत्त को पहले ही साफ कर दिया था कि कहानी पूरी ईमानदारी के साथ दिखाऊंगा

फिल्म की कहानी अभिजात जोषी ने लिखी है

संजय दत्त की ज़िंदगी की कहानी को ईमानदार तरीके से दिखाने का दावा करने वाले राजू हिरानी का मानना है कि यह बात उन्होंने संजय दत्त को भी साफ साफ शब्दों में कह दी थी कि वह यह फिल्म उन्हें ग्लोरिफाई या हीरो बनाने के लिए नहीं बना रहे। राजू हिरानी कहते हैं, “मैंने संजू को बोल दिया था कि मैं तुम्हें ग्लोरिफाई करने के लिए फिल्म नहीं बनाऊंगा। तुम जिस ईमानदारी के साथ अपनी कहानी बता रहे हो, मैं भी उसे ईमानदारी से बताऊंगा। मुझे भी अच्छी फिल्म बनानी थी, नहीं तो लोग मुझे भी गालियां देंगे कि यह क्या बना दिया।”

वह गलती जिसने संजय की ज़िंदगी बदल दी

राजू हिरानी के साथ इस फिल्म के लिए अपनी जिंदगी की सभी छोटी बड़ी बातें शेयर करने वाले संजय दत्त बंदूक उठाने वाली अपनी गलती को, अपनी सबसे बड़ी गलती मानते हैं। राजू कहते हैं, “ संजय दत्त मानते है कि अगर उसने बंदूक नहीं उठाई होती, तो उनकी ज़िंदगी कुछ और होती । 25 साल चले केस और 5 साल की जेल अगर उसे ना हुई होती, तो आज वह अपनी ज़िंदगी में वहां नहीं होते, जहां आज है। इस बात का पछतावा संजय को है और वो बार बार इस बात को कहते हैं कि मेरी लाईफ बहुत अलग होती अगर उस दिन मैंने बंदूक ना उठाई होती।”

रणबीर और संजय में है काफी समानता

रणबीर अगर संजय दत्त का लुक और स्टाइल मैच नहीं कर पाते, तो राजू यह फिल्म की शूटिंग अधूरी छोड़ देते

राजू हिरानी का दावा है कि वह शुरु से ही रणबीर कपूर को इस फिल्म में लेना चाहते थे। उनका मानना है कि रणबीर और संजय दत्त में बहुत सी समानता है, जहां दोनों के चेहरे मिलते हैं, वही दोनों की हाइट भी एक जैसी है, दोनों फिल्मी परिवार से संबंध रखते हैं और दोनों की माता पिता एक्टर थे। राजू कहते हैं, “ दोनों फिल्मी परिवार से है, इसलिए मुझे लगता था कि रणबीर, संजय दत्त को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे, लेकिन सबसे बड़ा चैलेंज था संजय दत्त के लुक को मैच करना। अगर दो-तीन महीने तक रणबीर स्टाइल और लुक मैच नहीं कर पाते, तो मैं फिल्म ही शूट नहीं करता, लेकिन रणबीर ने काफी मेहनत की, इसलिए हम ये फिल्म कर पाए।”

संजय दत्त पर बायोपिक बना रहे राजू हिरानी का दावा है कि इस फिल्म के बाद वह किसी और पर बायोपिक नहीं बनाएंगे। नई नई कहानियों की तलाश में रहने वाले राजू इस फिल्म के बाद मुन्नाभाई 3 की तैयारियां शुरु कर देंगे।