साल 2018 में सबसे ज़्यादा लोगों ने खायी है ये डिश! कौन सी? आइये जानते हैं!

तो इसलिए लोग कहते हैं कि बिरयानी को राष्ट्रीय फ़ूड घोषित करो

 
This Man Demands For His Last Biryani Plate Before A Stmach Operation!

जब भी आपको दिन भर की थकान के बाद खाना आर्डर करने के लिए कहा जाता है, तो आप अपना कम्फर्ट फ़ूड खाने की इच्छा ज़ाहिर करते हैं। कुछ लोग साउथ इंडियन खाना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोग नॉर्थ का खाना मंगवाते हैं। लेकिन वहीं पिछले साल, यानी कि साल 2018 में लोगों ने अपने कम्फर्ट फ़ूड का ताज एक डिश को पहनाया है। ये डिश और कोई नहीं, बल्कि चिकन बिरयानी है।

बिरयानी है कम्फर्ट फ़ूड

You cant afford to miss the biryani at the Charbagh Station in Lucknow
साल 2018 में जिस डिश को सबसे ज़्यादा आर्डर किया गया, वह चिकन बिरयानी थी

आपने अक्सर सोशल मीडिया पर बिरयानी को लेकर मीम्स पढ़े होंगे। जिसमें लोगों ने बिरयानी को राष्ट्रीय डिश बनाने की डिमांड की थी। भले हमने ये मज़ाक के तौर पर लिया, लेकिन असल ज़िन्दगी में लोग चिकन बिरयानी खाना ही पसंद करते हैं। हाल ही में ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने से जुड़ी कम्पनी ज़ोमैटो ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में ये बात जारी की है कि साल 2018 में जिस डिश को सबसे ज़्यादा आर्डर किया गया, वह चिकन बिरयानी थी। ये पढ़ने के बाद तो लोग बेहद खुश हो रहे हैं, क्योंकि वे दिल से जानते हैं कि बिरयानी का स्वाद उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है।

साउथ इंडियन फ़ूड भी है रेस में

ज़ोमैटो ने साल 2018 में किये गए और भी एनालिलिस लोगों के सामने रखे, जिसके अनुसार लोग सबसे ज़्यादा साउथ इंडियन खाना पसंद करते हैं। सिर्फ कुछ शहरों में नहीं, बल्कि पूरे भारत में लोग साउथ इंडियन क्यूज़ीन आर्डर करते हैं। इसके अलावा दिल्ली और अहमदाबाद ऐसे शहर हैं, जो ज़ोमैटो से सबसे ज़्यादा ऑनलाइन आर्डर करते हैं।

ये शहर है नाइट फ़ूड आर्डर के लिए फेमस

मुंबई को पछाड़ते हुए इंदौर वह शहर बना है, जहां रात को सबसे ज़्यादा खाने के ऑनलाइन आर्डर दिए जाते हैं।

आपने अक्सर ये सुना होगा कि मुंबई की नाइट लाइफ बेहद फेमस है। लोग यहां रात को एक्टिव होते हैं। ज़ाहिर है मुंबई में रात को खाना आर्डर की डिमांड बढ़ जाती है। लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कि मुंबई को पछाड़ते हुए इंदौर वह शहर बना है, जहां रात को सबसे ज़्यादा खाने के ऑनलाइन आर्डर दिए जाते हैं।

कैश नहीं, ऑनलाइन ट्रांसेक्शन

डिमोनेटाइज़ेशन के बाद कैशलेस ट्रांजेक्शन को महत्त्व दिया जाने लगा था। साल 2018 में इसका असर साफ़ दिखाया दिया। क्योंकि इस साल लोगों ने मात्र 28 प्रतिशत तक कैश ट्रांज़ेक्शन किया और बाकी लोगों ने फ़ूड ऑर्डर के दौरान ऑनलाइन ट्रांज़ेक्शन को महत्त्व दिया। इसके साथ-साथ ऑफिस के दौरान नहीं, बल्कि घर पर बैठे बैठे ऑनलाइन आर्डर ज़्यादा किए गाए।

हालांकि हम बता दें कि ये जानकारी उन्ही लोगों पर आधारित है, जो बाहर का खाना ऑनलाइन आर्डर करते हैं, लेकिन इसके बावजूद ये खबर किसी भी फूडी के लिए बेहद दिलचस्प ज़रुर है।

तो आज आप डिनर में क्या आर्डर कर रहे हैं, चिकन बिरयानी?