मीट और अंडे से भी ज्यादा फायदेमंद है मूंगफली!

जानिए कैसे 'गरीबों का बादाम' पड़ा इसका नाम?

 

जैसा कि सभी जानते हैं मीट और अंडे को सेहत बनाने के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है।जब भी कोई व्यक्ति वज़न बढ़ाना चाहता है या उसे कमज़ोरी की शिकायत होती है, तो उसे डॉक्टर मीट और अंडे खाने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, शाकाहारी खाने में एक ऐसी चीज़ है, जो मीट और अंडे को भी पीछे छोड़ सकती है?

हम बात कर रहे हैं मूंगफली की, जो प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व से भरपूर है, जिसके सामने अंडे और मीट कुछ नहीं। आइए जानते हैं मूंगफली के कुछ ऐसे गुणों के बारे में, जो आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे।

सौ ग्राम कच्ची मूंगफली खाना 1 लीटर दूध पीने के बराबर फायदेमंद हो सकता है

मूंगफली की अगर मांस से तुलना की जाए, तो इसमें मांस की तुलना में 2.3 गुना और अंडे की तुलना में 2.5 गुना ज्यादा प्रोटीन होता है। सौ ग्राम कच्ची मूंगफली खाना 1 लीटर दूध पीने के बराबर फायदेमंद हो सकता है, वहीं मूंगफली खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है और हमारी पाचन क्रिया दुरुस्त होती है.

250 ग्राम भूनी मूंगफली खाने से हमारे शरीर को इतने खनिज और विटामिन्स मिलते हैं, जितने 250 ग्राम चिकन खाने से भी नहीं मिलते। मूंगफली न्यूट्रिएंट्स, मिनरल्स, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट का स्त्रोत माना जाता है.

यहां तक कि मूंगफली खराब कोलेस्ट्रॉल को अच्छे कोलेस्ट्रॉल में बदलता है. मूंगफली खाने से आपको जितना प्रोटीन और एनर्जी मिलती है, उतनी अंडे खाने से भी नहीं मिलती। वहीं मूंगफली में पाया जाने वाला प्रोटीन दूध जितना लाभकारी होता है और इसलिए ये दूध, घी और बादाम की कमी को पूरा कर सकती है। यही वजह है कि इसे गरीबों का बादाम कहा जाता है।

ठंड में मूंगफली खाने की सलाह दी जाती है। कहते हैं कि इसे खाने से शरीर गर्म रहता है और फेफड़ों को बल मिलता है।खाने के बाद इसका सेवन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और मोटापा दूर करता है।

सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी मूंगफली खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन मूंगफली सीरत में गर्म होती है, इसीलिए जिन्हें गर्म चीजों से तकलीफ हो, उन्हें इसका सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।

तो देर किस बात की, आप भी रोजाना खाएं मूंगफली और बनाएं अपने शरीर को और भी स्वस्थ ।