मकर संक्रांति स्पेशल: भारतीय किचन में संक्रांति पर होता है इन पकवानों का राज

संक्रांति के त्यौहार में यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक बनते हैं ये पकवान

 
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मकर संक्रांति का त्यौहार आने वाला है और इस त्यौहार की तैयारियों में अभी से मग्न हो गए हैं। इस त्यौहार को अलग-अलग राज्यों में अलग अलग तरह से मनाया जाता है। वहीं दक्षिण भारत में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है। पंजाब में इस दिन लोहड़ी की धूम रहती है। मकर संक्रांति भारतीय त्योहारों में बेहद महत्व रखता है। खास तौर पर भारतीय किचन में संक्रांति के लिए अलग अलग प्रांत में खास पकवान बनाए जाते हैं। आपको जान कर हैरानी होगी कि भारत में अलग-अलग जगहों पर संक्रांति के लिए तरह-तरह के पकवान तैयार किये जाते हैं। आइये जानते हैं राज्यों के हिसाब से कौन सी डिशेस आप खा सकते हैं।

महाराष्ट्र

ये लड्डू इतने स्वादिष्ट होते हैं कि लोग साल भर इस डिश का स्वाद चखने के लिए इंतज़ार करते हैं।
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महाराष्ट्र में इस त्यौहार को ‘तिलगुड़ घ्या आणि गोड़-गोड़ बोला’ इस स्लोगन के साथ मनाया जाता हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महराष्ट्र में लोग इस दिन तिल और गुड़ के लड्डू बनाते हैं। ये लड्डू इतने स्वादिष्ट होते हैं कि लोग साल भर इस डिश का स्वाद चखने के लिए इंतज़ार करते हैं। गुड़ की मिठास और तिल का करारापन लोगों का स्वाद बदल देता है। ये लड्डू खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही हेल्दी भी होते हैं। इसे खाने से आपको कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं।

यूपी

इसमें चावल को मिलाकर पकाया जाता है
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यूपी, जो अपने रंगीन कल्चर के लिए पूरे भारत में जाना जाता है, संक्रांति में यहां के घरों में बाजरे की खिचड़ी की महक आती है। संक्रांति में इस दिन बाजरे की खिचड़ी बनाई जाती है, जिसे बनाने के लिए इसमें चावल को मिलाकर पकाया जाता है। इसके अलावा यहां बाजरे की टिक्की भी बड़े चाव से खाई जाती है। बाजरे के आटे में मीठा मिलाकर इसकी टिकिया बनाई जाती है, जो खाने में तो स्वादिष्ट होती ही है, साथ ही इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। इसके साथ कंदमूल, जैसे आलू, शकरकंद, इत्यादि को उबाल कर खाने का रिवाज भी यूपी में है। आप शायद नहीं जानते होंगे कि यूपी इन सभी खाद्य पदार्थों के दान का भी बेहद महत्व है। इसलिए हर घर से लोग संक्रांति में बने खाने को दान करते हैं।

गुजरात

इसमें सर्दियों में पाई जाने वाली सभी हरी सब्जियों को डाला जाता है
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गुजरात में इस त्यौहार के दिन पतंग के पेंच लड़ते हैं, जिसके लिए कई महीने पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। यहां पतंग की इस लड़ाई में जीतने वाले ‘काई पो छे’ बोल कर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करते हैं। लेकिन जहां छतों पर एक ओर पतंग की डोर संभालने पूरा गुजरात इकठ्ठा हो जाता है, वही दूसरी ओर गुजराती किचन उंधियू की महक से सराबोर हो जाता है। इसमें सर्दियों में पाई जाने वाली सभी हरी सब्जियों को डाला जाता है और मेथी को बेसन के साथ मिलाकर पकौड़ियां बनाई जाती है। मिक्स वेज की तरह बनाई जाने वाली इस सब्जी के पक जाने के बाद यह पकौड़ियां सब्ज़ी के साथ ही मिलाकर गर्मागर्म सर्व की जाती है। इस सब्ज़ी में सभी तरह की सब्ज़ियों का स्वाद मिला होता है और तीखी और चटपटी पकौड़ीओं का स्वाद इसमें चार चांद लगा देता है।

पंजाब

पंजाब की सर्द मौसम में सरसों का साग और मक्के की रोटी का लुत्फ़ लोग उठाते हैं
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जैसा कि सभी जानते हैं पंजाब के लोग उत्तरायण से एक दिन पहले लोहड़ी मनाते हैं। इस दिन पंजाबी घरों में बेहद उत्साह रहता है। इस दिन न सिर्फ पंजाब की सर्द मौसम में सरसों का साग और मक्के की रोटी का लुत्फ़ लोग उठाते हैं, बल्कि लोहड़ी के खास मौके पर रेवड़ियां भी खाई जाती हैं। लोग आपस में रेवड़ियां बांटते हैं और घर की बने गर्मागर्म साग रोटी को प्यार से खाते हैं।

दक्षिण भारत

नारियल के साथ सभी मसलों को मिला कर इसकी खिचड़ी बनाई जाती है
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जिस प्रकार भारत के इन राज्यों में संक्रांति की धूम रहती है, वहीं साउथ इंडिया में इसी त्यौहार को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। यह फसल कटाई का त्यौहार माना जाता है। इस दिन घर में समृद्धि लाने वाले सभी तत्वों की पूजा की जाती है। इस दिन खेतों, पशुओं और फसलों की पूजा की जाती है। इसी दिन साउथ के घरों में पोंगल नामक डिश बनाई जाती है, जिसमें मूंग दाल और चावल का इस्तेमाल होता है। नारियल के साथ सभी मसलों को मिला कर इसकी खिचड़ी बनाई जाती है, जिसे लोग बड़े चाव से खाया जाता है।

इस तरह मकर संक्रांति के त्यौहार में भारतीय किचन में अनोखे और स्वादिष्ट पकवानों का राज चलता है। उम्मीद है कि इस दिन को आप भी अपने किचन में कुछ ना कुछ स्पेशल ज़रुर बना रहे होंगे।