एक चाय का कप , फायदे अनेक

चाय सेहत के लिए फायदेमंद है

 

चाय पसंद करने वाले लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप गरम चाय के साथ करते हैं। चाय अच्छी नही मिली, तो दिन भी खराब हो जाता है। कई लोगों की सुबह बिना चाय के अधूरी है। आपकी सुबह को ताज़ातरीन बनाने वाली इस चाय के बारे में आप कितनी जानकारी रखते हैं? जानते हैं कि कैसे ये चाय आपकी सेहत के लिये फायदेमंद है।

व्हाइट टी

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ये दुर्लभ होने के साथ साथ काफी महंगी चाय है

आपने काली चाय या ग्रीन टी के बारे में सुना ही होगा। व्हाइट टी भी हमें उसी पौधे से मिलती है जिस पौधे से ग्रीन टी बनायी जाती है। इसकी चार वैरायटी हैं -सीलोन , अफ्रीकन , दार्जलिंग और असम। ये चाय मार्केट में काफी मुश्किल से मिलती है , जिसके कारण ये काफी महंगी है। हालांकि ग्रीन टी के मुकाबले व्हाइट टी सेहत के लिए ज़्यादा फायदेमंद है। ये आपका वज़न कम करने से लेकर डायबिटीज़ को कंट्रोल करती है। इस चाय में एंटी- एजिंग और एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं। व्हाइट टी ग्लूकोज़ को कंट्रोल करने मे मदद करती है , जिससे मधुमेह को कंट्रोल किया जा सकता है।व्हाइट टी चेहरे की झुर्रियां को और बालों को झरने से भी रोकती है।

ग्रीन टी

कई सितारों की फेवरेट है ये ग्रीन टी, इस चाय को पीने से चेहरे पर निखार आता है

करीना कपूर , श्रद्धा कपूर से लेकर कई हीरोईनें ग्रीन टी को ऐन्डोर्स करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ग्रीन टी के कुछ नुकसान भी हैं? बीते कुछ सालों में ग्रीन टी की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने और चेहरे पर निखार लाने के लिए भी ग्रीन टी पीना फायदेमंद है। इसमें कैफ़ीन और टेनिंस पाए जाते हैं ,जो पेट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि ग्रीन टी आपको नुकसान न करे , तो खाली पेट ग्रीन टी कभी न लें और ग्रीन टी में चीनी और दूध मिलाने से परहेज़ करें। ग्रीन टी का सेवन दिन में दो या तीन बार से ज्यादा न करें।

ओलॉन्ग टी

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कैमेलिया साइनेन्सिस पौधे से ही कई तरह की चाय तैयार की जाती हैं

ये चीन की पारंपरिक चाय है, जिसे एक विशेष विधि से तैयार किया जाता है। इस चाय के लिए कैमेलिया साइनेन्सिस के पत्ते, कलियाँ और डाली का उपयोग एक साथ किया जाता है। एक ही पौधे का उपयोग ग्रीन टी और ब्लैक टी बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन हर तरह की चाय के लिए किण्वन का स्तर अलग अलग है। बिना दूध के बनाई जाती इस चाय में कैफीन होता है, जो हमारे हृदय और मांसपेशियों को उत्तेजित करता है। ओलॉन्ग टी एक बेहद आरामदायक पेय है। खास बात है कि इस चाय में ब्लैक और ग्रीन टी दोनों के फायदे हैं। ये वजन घटाने के साथ साथ , त्वचा के लिए, हड्डियों के लिए , मधुमेह के लिए और तनाव को कम करने में भी मदद करती है। ओलॉन्ग टी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकता है। ओलॉन्ग टी का सेवन करने वालों को त्वचा का कैंसर होने की सम्भावना कम होती है।

ब्लैक टी

काली चाय सबसे ज़्यादा प्रचलित है और सबसे ज़्यादा सेवन भी इसी चाय का होता है

दुनियाभर में ब्लैक टी का सबसे ज़्यादा सेवन किया जाता है। असम , नीलगिरी और श्रीलंका में इस चाय का सबसे ज़्यादा उत्पादन होता है। काली चाय के फायदों के कारण इसे पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाता है। इसे अलग अलग तरीके से पीया जा सकता है – जहाँ चीनी लोग काली चाय को मसाले , चॉकलेट या दुर्लभ ज़ड़ी- बूटियों के साथ बनाते हैं, वहीं भारत में दूध और चीनी को इस चाय में मिलाया जाता है। कुछ लोग इसका स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक , दालचीनी , इलायची , मुलेठी या तुलसी का इस्तेमाल भी करते हैं। उच्च कोलेस्ट्रॉल, दस्त , पाचन समस्या और उच्च रक्तचाप में ये काली चाय बेहद फायदेमंद है।

पु – ईहर चाय

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गुणकारी होने के कारण इस चाय को “आहार चाय” क नाम से भी जाना जाता है

पु – ईहर चाय को चीनी काली चाय के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन ये सादी काली चाय से अलग है। पु – ईहर चाय ज़्यादा पुरानी होती है और स्वाद में अन्य चायों से काफी बेहतर भी। पु-ईहर चाय कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करती है। इस चाय में कई गुण होने के कारण इसे “ आहार चाय” के नाम से भी जाना जाता है।

ज़ाहिर है, अब अगली बार जब भी आपके हाथ में चाय का कप होगा, तो उसके स्वाद के साथ साथ उसके फायदे भी आपको पता रहेंगे। अब मेहमानों का स्वागत अलग अलग चाय के साथ कीजिएगा। ज़ाहिर है, कोई भी याद , कोई भी किस्सा चाय के बिना अधुरा है।