कभी कभार उपवास से हो सकते हैं फायदे

खाने के वक़्त में थोड़ा बदलाव कर सकता है इतना कुछ

 
fasting advantages

अगर आप कोई नया डॉयट शुरू करने की सोच रहे हैं या वज़न घटाना चाहते हैं, तो कभी-कभार खाना ना खाने से शायद आपको मिल सकती है मदद।

अगर आपने इस डॉयट के बारे में नहीं सुना है, तो ये पढ़िए।

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

सीधे शब्दों में इसका अर्थ है खाने और उपवास रखने के बीच में तालमेल बनाना। ये एक ऐसा डॉयट करने का तरीका है जिसमें आप खाने के बीच में करीब ८ से १२ घंटे का अन्तर रखते हैं। इससे आपके शरीर को रुक रुक कर शक्ति मिलती है, और विज्ञान अब ये कह रहा है कि शायद ये आपके लिए अच्छा है।

क्या हैं फायदे?

1. पेट से चर्बी को कर सकता है कम:

ये दिक्कत हम में से कइयों को अक्सर होती है। जो लोग वज़न घटाना चाहते हैं वो अक्सर ये डॉयट अपनाते हैं। जब आप ऐसा करते हैं तो आप खुद ही कम खाना खाते हैं और अगर आप अपने खाने की मात्रा पर ध्यान दे सकते हैं, तो इससे आपकी शरीर और पेट के पास जमी चर्बी कम हो सकती है।

2. टाइप २ डाइबिटीज़ को कम कर सकता है:

कुछ रिसर्च के हिसाब से इस डॉयट से आपके ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रह सकती है, और आपका शरीर इन्सुलिन को भी सही तरीके से इस्तेमाल कर पायेगा। ऐसे में अगर आपका टाइप २ डाइबिटीज़ का खतरा ज़्यादा है तो ये आपके खतरे को थोड़ा कम कर सकता है।

3. दिल के लिए हो सकता है अच्छा:

 

good for heart
कॉलेस्ट्रॉल को कर सकता है नियंत्रित

tanikal

रिसर्च के हिसाब से अगर आप रुक रुक कर खाना खाते हैं तो इससे आपके ब्लड शुगर की मात्रा, एल.डी.एल. और कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा और ब्लड प्रेशर की मात्रा नियंत्रित रह सकती है, जो आपके दिल के लिए बहुत ही अच्छा साबित हो सकता है।

4. एल्ज़ाइमर का खतरा कर सकता है कम

कभी-कभार कोशिकाओं के भीतर ऐसे प्रोटीन रह जाते हैं जो दिमाग के स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं हैं। इस तरह के डॉयट से ये प्रोटीन हट सकता है और आप एल्ज़ाइमर और कुछ प्रकार के कैन्सर से बच सकते हैं।

5. दिमाग के काम में मदद

इस डॉयट से आपका मेटाबॉलिज़्म अच्छा हो सकता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी कम हो सकता है। ऐसे में नसों में ज़रूरी नई कोशिकाएं बन सकती हैं जो आपके दिमाग को और अच्छे से काम करने में मदद करता है।

ये ज़रूर ध्यान में रखिये कि किसी भी तरह का डॉयट शुरू करने से पहले ज़रूरी है कि आप डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।