क्या कोई आत्महत्या करने की सोच रहा है? ऐसे चलेगा पता

इन लक्षणों से आप आने वाली दुर्घटना को टाल सकते हैं

 
how-to-know-if-someone-is-suicidal

ये एक बहुत ही अच्छी बात है कि आज कल लोग और समाज इस बात को समझ रहा है कि तनाव, डिप्रेशन और आत्महत्या करने जैसी सोच के बारे हमें शर्मिंदा नहीं होना चाहिए, बल्कि ये वाकई एक तरह की बीमारी है, किसी भी और बीमारी की तरह, जिसका इलाज करवाना ज़रूरी है।

अगर किसी के मन में आत्महत्या करने का विचार आ रहा है, तो ज़रूरी नहीं कि इसके लक्षण हमेशा साफ़ साफ़ नज़र आ जायें। पर अगर आपको पता है कि किन लक्षणों पर ज़्यादा नज़र डालनी चाहिए या किस बात का ध्यान रखना चाहिए, तो आगे आने वाली दुर्घटना को आप टाल सकते हैं।

मन मिज़ाज़ ठीक नहीं रहेगा

कभी कभी मूड खराब होना या मन मिज़ाज़ ठीक ना रहना तो आम बात है, हम सब को ही होता है। पर अगर किसी को डिप्रेशन है, या अगर उनके मन में आत्महत्या या सूइसाइड करने का विचार है, तो इससे भी मूड सविंग्ज़ हो सकते हैं। या तो ये बहुत चुपचाप और सहमे से रहेंगे, या इन्हें किसी बात का दुःख होगा, या हो सकता है ये छोटी छोटी बातों पर गुस्सा हो जाएं या हमेशा चिड़चिड़े नज़र आते हैं।

बात करने से कतराएंगे

ये अपने आप में सिमट जाते हैं
ये अपने आप में सिमट जाते हैं

Credits: rappler

आज कल हम सब को एकांत का मन रहता है, खासकर जब हम हर वक़्त लोगों से घिरे रहते हैं। पर अगर किसी के मन में सूइसाइड के ख्याल आ रहे हैं, तो वो लोगों से कम बात करेंगे, और हो सकता है आप को ये भी नज़र आये कि वो लोगों से कतराते रहते हैं। बात जब ज़्यादा बढ़ जाती है तो ऐसा भी हो सकता है कि वो लोगों के सामने बात कर ही ना पाएं, या घर से निकललना ही छोड़ दें।

चीज़ों को समझने में दिक्कत

जिनके मन में ऐसे ख्याल रहते हैं उन्हें चीज़ों पर ध्यान देने में मुश्किल होती है, और अक्सर वो बातें समझने में ज़्यादा वक़्त लेते हैं, क्योंकि उनका ध्यान ही नहीं होता है। इस वजह से उन्हें घर या दफ्तर में दिक्कत भी आ सकती है।

खुद को नुक्सान पहुंचा सकते हैं

क्या आपने इन पर घाव या चोट के निशान देखे हैं? क्या वो इसे छुपाने की कोशिश करते हैं, या क्या आपको किसी वजह से ये लग रहा है कि ये चोट उन्होंने ही खुद को दी है? जब किसी को सूइसाइड करने के ख्याल आते हैं, तो ऐसे में वो अक्सर ऐसी चीज़ें करते हैं जो वो आम तौर पर नहीं करते हैं। जैसे की किसी के भी साथ सेक्स कर लेना, ज़्यादा पीना, ज़्यादा स्मोक करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना आदि।

अगर आपको शक है कि इस इंसान के मन में ऐसे ख्याल हैं, तो कोशिश कीजिये कि इन्हें अकेला ना छोड़ें, और हो सके तो उन्हें किसी प्रोफेशनल से बात करने की सलाह दें। अगर ये शख्स आपके साथ दफ्तर में है और आपको डर है ये खुद को चोट पहुंचा सकते हैं, तो तुरंत ऑफिस के एच.आर.(HR) को इत्तेलाह कीजिये।