खुश रहना है आसान, तो कोशिश क्यों नहीं करते?

खुश रहने के लिए ज़रूरी है ये काम करना

 
staying-happy-is-easy-why-dont-we-give-it-a-try-640x480

जीवन के कई मोड़ पर जिंदगी के उतार चढ़ाव हमें देखने होते हैं। कई बार हारते हैं, तो कई बार जीतते हैं। लेकिन इस हार-जीत के चलते खुद को मज़बूत बनाए रखना हमारे लिए बेहद ज़रूरी हो जाता है। लेकिन आज की जनरेशन यह भूल रही है कि इस मज़बूती के पीछे खुशी होना बेहद जरूरी है। हर रिश्ते को निभाने, ज़िम्मेदारी उठाने के लिए हम स्वयं की उपेक्षा करने लगते हैं। खुश रहना इस तरह हमारे लिए असंभव हो जाता है। यदि आप भी जटिल समस्याओं का समाधान आसानी से ढूंढना चाहते हैं, तो सबसे पहले खुश रहना सीखिए। आइए जानते हैं एक्सपोर्ट किस तरह खुश रहने के गुर सिखा रहे हैं।

साइकोलॉजिस्ट ऐश्वर्या नाटेकर कहती हैं, हर व्यक्ति अपने आप में खास होता है। यदि किसी के साथ तुलना करके उसके गुणों को देखा जाए तो व्यक्ति के साथ नाइंसाफी होगी। इसीलिए यदि आप किसी व्यक्ति को जानना चाहते हैं, तो उसके प्रति कौतूहल और रूचि जगाइए। अपने आप को बिना किसी कसौटी पर रखे सामने वाले को समझिए और साथ ही खुद को समझने की कोशिश कीजिए।

अक्सर आज की लाइफ स्टाइल के अनुसार हम कई ऐसी बातों को प्राथमिकताएं देते हैं, जो हमें खुशी नहीं देती। ऐसे में जानने का प्रयास करना चाहिए कि आपको असल में खुशी कहां से मिलती है। रिश्तों को संभालने और उन्हें पालने-पोसने में हम खुद की उपेक्षा करने लगते हैं और भावनात्मक रिश्तों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। ये आदत हमें सिर्फ दुख ही देती है।

जब दूसरा व्यक्ति सफल हो तो हम उसकी प्रशंसा करते हैं, लेकिन वही खुद की सफलता को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यह छोटी सी भूल हमें काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं। हर छोटी बड़ी सफलता को पूरे मन से स्वीकार करिए और उसका जश्न मनाए। यह न सोचें कि कामयाबी कैसे मिली है। इस तरह आप सबको खुश रखेंगे और अगली चुनौतियों के लिए खुद को तैयार भी करेंगे।

एक अस्वस्थ शरीर में खुश रह पाना बेहद मुश्किल है। यदि आप खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से निरोगी रखते हैं, तो संतुलित दिनचर्या बनी रहेगी। इससे आप संतुष्ट रहेंगे और खुश भी।

अक्सर व्यस्तताओं के चलते हम खुद के शौक का गला घोट देते हैं। ऐसे शौक जो हमें खुशी देते हैं, उसे हम अनदेखा करते हैं। यदि आप खुश होना चाहते हैं तो खुद की हॉबीज़ की लिस्ट बनाएं और अपनी रुचियों के लिए समय निकालें।

यदि हम खुद से दोस्ती का रिश्ता बनाएंगे, तो खुश रहना हमारे लिए आसान हो जाएगा। जैसे हम दोस्तों की गलतियों को माफ कर देते हैं, उसी तरह खुद के लिए भी सहृदय होना हमारे लिए बेहद ज़रूरी है। खुद के लिए भी हमें उदार होना चाहिए। ऐसे में कठिन से कठिन समय में भी आप अकेलापन और अधूरापन महसूस नहीं करेंगे और साथ ही खुशियों से आपकी जिंदगी भर जाएगी।