मोबाइल का इस्तेमाल करने से पहले पढ़ें ये खबर

मोबाइल का ज़्यादा इस्तेमाल होगा आपके लिए नुकसानदायक

 
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आजकल की ज़रूरत कहे या एडिक्शन, लोग मोबाइल लैपटॉप से दूरी नहीं बना सकते। ऑनलाइन की दुनिया में अब इसकी ज़रूरत इतनी बढ़ती जा रही है कि इसका इस्तेमाल रोकना लगभग नामुमकिन हो चुका है। इसके ज़्यादा इस्तेमाल से आंखों की रोशनी कभी भी छिन सकती है। ड्राई आइस सिंड्रोम और तेज़ी से गति आंखों की रोशनी जाना इसी का परिणाम है।

इस खतरे से एक कदम आगे और एक और खतरनाक साइड इफेक्ट की बात सामने आई है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेडो ने एक रिसर्च में दावा किया है कि मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट इत्यादि का इस्तेमाल करने से आपकी आंखें खराब हो सकती है। इससे निकलने वाली ब्लू लाइट बेहद खतरनाक होती है, जो आपको अंधेपन की ओर धकेलती है। इस लाइट से मस्कुलर डिजनरेशन बढ़ता है और इससे ब्लाइंडनेस का खतरा ज़्यादा होता है। यदि आप रोज़ाना 3 से 4 घंटे से ज़्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करें, तो यह खतरा तेजी से बढ़ सकता है।

यदि आंखे पहले से ही कमजोर हो या आपकी उम्र 40 से ऊपर हो तो इसका खतरा आपके लिए और भी बढ़ सकता है। बच्चों पर भी इसका असर बेहद खराब पड़ता है, इसीलिए आपको कुछ बातों का ख्याल ज़रुर रखना चाहिए।

ज़्यादातर डिवाइस में ब्लू लाइट फ़िल्टर नहीं होती। लेकिन ऐपल, गूगल और ऐमेज़ॉन के प्रोडक्ट में ब्लू लाइट फ़िल्टर वाली सेटिंग है, जिन्हें डिसेबल कर आंखों की रोशनी को जाने से रोक सकेंगे। डॉक्टर ब्लू लाइट इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

खासकर अंधेरे में अपने डिवाइस का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। यदि आप सनग्लासेज का इस्तेमाल करें, तो आप इस लाइट के असर से बच सकते हैं। इसके अलावा पलक को लगातार झपकाते रहे।

आंखों में पानी आने और चुभन जैसी तकलीफ़ हो तो यह आपके लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है। तुरंत डॉक्टर को दिखाए। आंखों को थोड़ी थोड़ी देर पर बंद कर आराम कर लें।

कंप्यूटर पर काम करते हुए चश्मे का इस्तेमाल करें, जिससे कंप्यूटर की हानिकारक लाइट आपकी आंखों पर न पड़े। इस तरह आप अपनी नज़र को बचा सकते हैं।