बारिश के इकट्ठा हुए पानी में चलना पड़ता है? इस बीमारी का ध्यान रखें

ठहरे हुए पानी में जाने से पहले ये पढ़ लें

 
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बारिश काफी ज़ोरों से आ रही है और ऐसे में सड़को पर पानी भरना स्वाभाविक है। हो सकता है कि इस मानसून में आप भी सड़क पर इक्कठा हो चुके बारिश के पानी में गए हों। ऐसे में अक्सर हमें अपने कपड़े, जूते, बाल या लैपटॉप की फ़िक्र रहती है? लेकिन क्या आपको सर्दी ज़ुखाम बुखार का डर लगा रहता है? अगर हां, तो एक और बात है, जिसके बारे में आपको सतर्क रहना चाहिए।

हम लेप्टोस्पाइरोसिस की बात कर रहे हैं।

क्या है लेप्टोस्पाइरोसिस?

अगर आपने इसके बारे में अभी तक नहीं सुना है, तो लेप्टोस्पाइरोसिस एक बैक्टीरिया वाला इन्फेक्शन है, जो चूहों से इंसानों में फैलता है। बारिश के दौरान गटर और नाली का पानी भी सड़क पर आ जाता है, और ये वही पानी है जिसमें चूहे रहते हैं।

ऐसे में, गटर के पानी में इन चूहों का मल मूत्र मिला हुआ रहता है, और ये सड़क के पानी में मिल जाता है। ये वही पानी होता है जिसमें से आपको बारिश में जाना पड़ता है।

कैसे आपकी सेहत को हो सकता है खतरा

अगर आपके शरीर में किसी किस्म का घाव या कट है, तो इस पानी में पनप रहा बैक्टीरिया आपके शरीर में इसी घाव से प्रवेश कर सकता है। जितनी बार आप इस गंदे पानी में चलते हैं, आपका खतरा उतना ही बढ़ जाता है।

इन चीज़ों को देखें

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अगर इन्फेक्शन हो गया हो, तो आपको ये महसूस हो सकता है:

  • बहुत तेज़ बुखार जो अक्सर फ़्लू जैसा भी लग सकता है
  • मसल और जोड़ों में दर्द
  • सर में तेज़ दर्द
  • पेट में दर्द
  • शरीर में ठंड
  • आंखे लाल होना या आंखों में सूजन

अगर शुरू शुरू में समझ नहीं आता और बीमारी ज़्यादा फ़ैल गई, तो आपको उल्टी भी हो सकती है, या पूरे बदन पर दानें भी आ सकते हैं।

क्या इसका कोई इलाज है?

आपके डॉक्टर शायद आपकी चिकित्सा ऐंटीबायोटिक दवाई के साथ करेंगे। अगर तकलीफ ज़्यादा बढ़ जाए या अगर आपकी सेहत बिगड़ जाए, तो हो सकता है आपको अस्पताल में सलाइन द्वारा ठीक किया जाएगा।

ऐसे आप अपना खतरा कम कर सकते हैं

  • ठहरे हुए पानी में जितना कम हो सके उतना कम जाएं
  • मौका मिलते ही पैर धो लीजिये
  • हाथ हमेशा धो लीजिये और साफ़ रखिये
  • अगर शरीर पर कोई घाव या कट हैं तो उस पर पट्टी कर लीजिये

अगर आपको ऊपर दिए गए कोई भी निशान नज़र आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलिए।