अरुणाचल प्रदेश के तवांग फेस्टिवल को देखना ना भूले

तवांग फेस्टिवल की खूबसूरती देखनी है तो ज़रूर जाए अरुणाचल प्रदेश।

 
Tawang-Festival-640x480

भारत में ऐसे कई ऐसे राज्य है जो बेहद खूसबसुरत है और इन्ही राज्य में नाम आता है अरुणाचल प्रदेश का। यहां की खूबसूरती सिर्फ पहाड़ों या फिर खूबसूरत जंगलों से ही नहीं, बल्कि हर साल हर्षोल्लास से मनाए जाने वाले त्योहारों की वजह से भी होती है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में तो हर साल एक कल्चरल फेस्टिवल आयोजित किया जाता है,जिसे देखने पूरे भारत वर्ष से ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से आते है लोग। ये फेस्टिवल अक्टूबर के आखरी तारीख से शुरू होता है और पूरे नवंबर तक चलता है। आइए जानते है इस फेस्टिवल को बेहद करीब से और जानते है इसकी खूबसूरती और इस फेस्टिवल के पीछे क्या है इसका मकसत।

याक डांस है यहां की खूबसूरती

tawang-festival-yak-dance-500x360
अरुणाचल का अर्थ हिन्दी मे “उगते सूर्य का पर्वत” है

अरुणाचल प्रदेश का ये तवांग फेस्टिवल हर साल आयोजित किया जाता है जहां देश और दुनिया के हर कोने से आने वाले लोगों को इसकी खूबसूरती, कल्चर और अन्य परंपराओं को करीब से जानने और समझने का पूरा मौका मिलता है। इसके अलावा इस फेस्टिवल में बौद्ध परंपराओं और उनके कल्चर को भी हिस्सा बनाया जाता है।

तवांग फेस्टिवल में यहां की जनजातियों के आकर्षक डांस और अन्य नाटक को देखने और उनकी संस्कृति को देखने और उन्हें समझने का पूरा अवसर मिलता है। इस फेस्टिवल की सबसे खास बात होती है याक डांस। जहां याक डांस करते हैं और उनके हुजूम को इस तरह डांस करते देखना अपने आप में काफी आकर्षक लगता है। इस फेस्टिवल में अरुणाचल प्रदेश में रहने वाली जनजातियों के द्वारा बनाई गई कई चीजें भी मिलती हैं।जिन्हे आप सही दामों में खरीद सकते है। ये फेस्टिवल कितना आकर्षक और लोकप्रिय है, इसका अंदाज़ा आपको इस बात से पता चल सकता है कि पिछले साल इसे 2017 के ‘बेस्ट कल्चरल फेस्टिवल’ और ‘बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ के खिताब से नवाज़ा गया था।

फीमेल बुद्ध यानी तारा की मूर्ति

Female-Buddh-tara-500x360
यहां की तवांग मोनेस्ट्री भी काफी फेमस है।

अरुणाचल जाए तो ये ज़रूर देखना भूले। सबसे पहले तो फीमेल बुद्ध यानी तारा की मूर्ति जो की 80 फीट ऊंची है और यह मूर्ति 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है और सभी पर्यटक के लिए आकर्षण का केंद्र है। भारत की सबसे लंबी सड़क यानी सेला पास भी देखने लायक है। इसके अलावा यहां का ज़ोंगा टाइगर लेक भी काफी पॉप्युलर है।

तवांग फेस्टिवल में ले खूबसूरत सेल्फी अरुणाचल जाए तो ये ज़रूर देखना भूले। सबसे पहले तो फीमेल बुद्ध यानी तारा की मूर्ति जो की 80 फीट ऊंची है और यह मूर्ति 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है और सभी पर्यटक के लिए आकर्षण का केंद्र है। भारत की सबसे लंबी सड़क यानी सेला पास भी देखने लायक है। इसके अलावा यहां का ज़ोंगा टाइगर लेक भी काफी पॉप्युलर है।

तवांग फेस्टिवल में ले खूबसूरत सेल्फी

Tawang-Festival-500x360
अगर आप मोमोस के शौक़ीन है तो यहां आपको ज़रूर मिलेंगे स्वादिष्ट मोमोस

तवांग वॉर मेमोरियल भी देखने लायक है। इसे 1962 के युद्ध में शहीद हुए 2140 भारतीय जवानों की याद में बनाया गया है।
अरुणाचल प्रदेश की जान यानी नौरंग फॉल्स को भला कैसे भूला जा सकता है। 100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस फॉल का व्यू देखते ही बनता है। दुनिया भर से आये पर्यटक यहां सेल्फी लेना बेहद पसंद करते है।

कैसे पहुंचें

How-to-reach-tawang-festival-500x360
प्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी तथा असमिया हैं।

तवांग, गुवाहाटी से 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गुवाहाटी से जाने वाले लोग तेजपुर तक जा सकते हैं और फिर वहां से टाटा सूमो या फिर महिंद्रा बोलेरो ले सकते हैं। इसके अलावा टूरिस्ट फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पहले सलोनीबारी एयरोपोर्ट जा सकते हैं। तवांग फेस्टिवल का सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट तेजपुर है। तेजपुर उतरकर आप वहां से टाटा सूमो या फिर महिंद्रा बोलेरो बुक कर सकते हैं।

इस बार भी तवांग फेस्टिवल सर्दियों में धूम मचाने के लिए तैयार है। अगर आप अरुणाचल प्रदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो फिर तवांग फेस्टिवल में ज़रूर शामिल हों। इस फेस्टिवल का हिस्सा बनने के बाद आपको यहां हर साल आने का मन करेगा क्योंकि ये फेस्टिवल है ही कमाल का।