दावा है इन रहस्मयी जगहों के बारे मे आपने नहीं सुना होगा

कुछ नया करने वालों के लिए कुछ नयी जगह

 

आप घूमने के शौकीन है और हर बार ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं जहां आप पहले कभी न गए हो, तो क्या आपने कभी ऐसी जगहों के बारे में सोचा है, जो आपको चौंका दें? ऐसी जगह जो रहस्मयी हो, ऐसी जगह जहां जाकर आप सोच में पड़ जाए कि क्या वाकई ऐसा हो सकता है। हम आपको ऐसी ही भारत में मौजूद 3 जगहों की सैर कराएंगे।

कोंगका दर्रा

स्थानीय लोगों का दावा है कि यह बात दोनों देशों की सरकारों को पता है कि यहां UFO है

कोंगका दर्रा समुद्री तल से 16,970 फुट की ऊंचाई पर है। यहां भारत और चाइना आर्मी के बीच 1962 में लड़ाई हुई थी। यह भारत चाइना का लद्दाख में स्थित विवादित बार्डर है। जहां 1962 के बाद इंडिया चाइना की आर्मी ने पेट्रोलिंग बंद कर दी थी। यह बहुत एकांत जगह है, जहां ज्यादा कोई आता जाता नहीं है।यहां सबसे पहले साल 2004 में UFO जैसी कोई चीज देखी गई। इसके साथ ही 4 फुट लंबा एक रोबोट देखा गया। उसके बाद साल 2012 में अगस्त और सितंबर में दो बार फिर से UFO देखा गया। यहां भारत और चाइना दोनों ही तरफ रहने वाले स्थानीय निवासी यह मानते हैं कि यह एक एलियन का गांव है और उनका यह भी दावा है कि यह बात दोनों देशों की सरकारों को पता है।

इडुक्की केरला

इस गांव को लाल बारिश का गांव भी कहते है

अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ केरल लाल बारिश वाले शहर यानी इडुक्की के लिए भी मशहूर है, जिसे भारत का एक रहस्मयी स्थान माना जाता है। यहां 25 जुलाई साल 2001 में पहली बार लाल बारिश हुई जिसकी वजह से लोगों के कपड़े और बिल्डिंग तक लाल हो गए। यह बारिश लगातार दो महीने तक रुक रुक कर होती रही। इस बारिश के कारण को जानने की बहुत कोशिश की गई। खास बात यह है कि इस बारिश के पानी को इकट्ठा करने पर थोड़ी देर में यह अपने आप साफ़ हो जाता था क्योंकि इस लाल बारिश के लाल कण नीचे बैठ जाते थे। हालांकि वैज्ञानिकों को शुरुआत में ऐसा लगा कि बारिश और प्रदूषण के एक साथ मिलने की वजह से ऐसा हो रहा है, लेकिन जब उस लाल पानी का निरीक्षण किया गया तो पता चला कि यह उल्का या प्रदूषण का नतीजा नहीं है, बल्कि उस पानी में जीवन होने के सबूत मिले

राजस्थान का कुलधरा गांव

ये गांव रातोरात खाली हो गया। किसी को नहीं पता कि 85 गावों के लोग कहां गए

कुलधरा राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित है यह एक शापित और रहस्मयी गांव है, जिसे भूतों का गांव भी कहा जाता है। हालांकि अभी राजस्थान सरकार ने इसे पर्यटन स्थल का दर्जा दे दिया है। इस कारण अब यहां रोज़ाना हज़ारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। कुलधरा गांव में 500 साल पहले तक 600 घर और 85 गांव के पालीवाल ब्राह्मण का साम्राज्य था। यहां रेगिस्तान की मिट्टी में मौजूद पानी के कण को खोज कर गांव की पानी की समस्या को दूर किया गया था। रेगिस्तान के इस गांव में कभी भी पानी की समस्या नहीं थी। आज भी कुलधरा गांव में आते ही तापमान में 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाती है। वैज्ञानिकों की टीम जब पहुंची तो उनकी मशीनों में आवाज़ों और तरंगों की रिकॉर्डिंग हुई जिससे यह पता चलता है कि कुलधरा में आज भी कुछ शक्तियां मौजूद है, जो इस गांव में किसी को रहने नहीं देती। आज भी कुलधरा गांव की सीमा में आते ही मोबाइल नेटवर्क और रेडियो काम करना बंद कर देते हैं। आज भी कुलधरा शाम होते ही खाली हो जाता है वहां कोई इंसान जाने की हिम्मत नहीं करता।

तो अगर आप में हिम्मत है और आप कुछ नया और अलग करना चाहते है, तो आप भी इन जगहों पर जा सकते है।