मुग्धा ने ऐसे बनाया अपने फिटनेस को अपना काम

देखिये कैसे प्रेरित कर सकती हैं आपको भी

 
Here’s How Mugdha Turned A Health Concept Into Her Work

३९ वर्षीया मुग्धा प्रधान सेहत से जुड़े कई तकलीफों से गुज़र रही थी, और हमेशा किसी ना किसी नई तरीके की तलाश में थीं जिससे उनकी सेहत में कोई सुधार हो। पर काफी कोशिशों के बाद भी जब उन्हें कहीं से भी कोई फायदा नहीं हुआ, तो उन्होंने कुछ अलग करने के बारे में सोचा।

इसी तरह सेहत और फिटनेस के बारे में पढ़ते हुए और अलग अलग चीज़ें आज़माते हुए उन्होंने देखा कि एक चीज़ जो वाक़ई में थोड़ी तबदीली ला रही थी वो था उनका खाना।

मुग्धा थ्राइव की सह-संस्थापक हैं। ये सेहत से जुड़ा एक ऐसा माध्यम है जो लोगों को अपने शरीर, सेहत और खाने के बारे में सचेत करता है और उन्हें ये भी दिखाता है कि कैसे तीनों आपस में जुड़े हुए हैं।

कैसे शुरू हुआ थ्राइव?

मुगधा की ज़ुबानी – ९७ किलो से ६० किलो तक पहुंचने के लिए मैंने कई ऐसे तरीकों को अपनाया था जो मुझे विशेषज्ञों ने करने को कहा था। पर कुछ समय तक फायदे दिखने के बाद सब काम करना बन्द हो जाता था। आखिरकार जब मुझे ये समझ आया कि मेरे शरीर में अक्सर चल क्या रहा है, तब जाकर मैंने ऐसे तरीकों के बारे में समझा और उन्हें अपनाया जिनसे मुझे वाकई फायदा हुआ। तब मुझे ये भी ऐहसास हुआ कि मेरी ही तरह कई और भी लोग हैं जो ऐसे ही सेहत या वज़न को लेकर परेशान हैं और ऐसा कोई ज़रिया ढूंढ रहे हैं जिससे उन्हें कोई फायदा हो और जो काम भी करे। इसीलिए मैंने थ्राइव शुरू किया।

ऐसे हैं अलग

हम हर एक तकलीफ़ की तह तक जाते हैं और हर किसी के लिए उनके अनुसार अलग अलग तरीके ढूंढते हैं। शायद यही हमें थोड़ा अलग और ख़ास बनाता है। हमें वाक़ई अपने कस्टमर की फ़िक्र है, और शायद इसीलिए वो हम पर इतना विशवास करते हैं और दूसरों को भी हमारे बारे में बताते हैं।

मैं ४ साल की उम्र से ही अपना कुछ करना चाहती थी

1e67bbde-everything-that-you-eat-has-a-direct-impact-on-your-health-and-wellness-500x360
जो भी आप खाते हैं आपके सेहत पर पूरा असर छोड़ता है

Image Credit: uwmedicine

मुग्धा ने १४ साल नौकरी की पर जब वो अपने सेहत की तरफ ध्यान देने लगीं, तो दोस्तों और रिश्तेदारों ने उनकी सलाह मांगनी शुरू की। “लोग मुझे पैसे देने तक को तैयार थे। ऐसे ही मेरा खुद का काम शुरू हो गया।”

थ्राइव शुरू करने से पहले मुग्धा ने १ साल तक रिसर्च किया और अभी भी सीखना जारी है।

अगर आप भी अपना कुछ शुरू करना चाहते हैं तो हो सकता है आप ही की हर रोज़ की ज़िन्दगी में ऐसी कोई बात छिपी है जिससे आपको भी प्रेरणा मिल सकती है।