ये करने से ऑफिस में आपकी सबके साथ बन सकती हैं

ऐसा कर आप काम में आगे भी बढ़ सकते हैं

 
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चाहे आप किसी बड़े ऑफिस में काम करते हैं, या किसी छोटे, या फिर नए स्टार्टअप में, ऑफिस में एक चीज़ जो आपको ऑफिस में एक अच्छा दिन बिताने में मदद कर सकती है और साथ ही आप को अच्छे से काम करने में बढ़ावा दे सकती है, वो है कि क्या दफ्तर में आपकी सबसे बनती है या नहीं?

अपने बॉस के साथ आपका ताल मेल सही बैठना बहुत ज़रूरी है, पर उतना ही ज़रूरी है आपके सह-कर्मियों के साथ आपका अच्छा रिश्ता।

ये कुछ ऐसी टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने सहकर्मियों के साथ अच्छा रिश्ता रख सकते हैं यह आपके ऑफिस के माहौल और आपके मूड को भी खुश और ताज़ा रखेंगे।

अपने और दूसरों के लक्ष्यों को पहचानिए

हो सकता है आपको अपने काम से कुछ ख़ास उम्मीदें हैं। आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि शायद आप ही के ऑफिस में ऐसे और लोग भी हैं, जिन्हें अपने काम और नौकरी से वही उम्मीदें हैं जो आपको भी है। इन उम्मीदों और काम से जुड़े सपनों को पहचानिए और कोशिश कीजिए कि आप मिल जुल कर तरक्की करें। इससे काम में आप सब को आसानी भी होगी, और जब आपको मदद की ज़रुरत होगी, कोई आपके भी साथ होगा।

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सब जानकारी साथ रखिये

प्रीति राठी गुप्ता इश्का फ़िल्म्स की संस्थापक हैं और आनंद राठी शेयर्स ऐंड स्टॉकब्रोकर्स की मैनेजिंग डायरेक्टर भी। उनका मानना है कि अगर आपको अपने काम में सफलता चाहिए और अगर आप ऑफिस में एक अच्छा माहौल बनाना चाहते हैं, तो ये ज़रूरी है कि एक दूसरे का सहारा बनें और साथ में काम करें।

काम को और बेहतर बनाएं

प्रीति ये भी मानती हैं कि जब आप ऑफिस में होते हैं, तो सिर्फ ये सोचना सही नहीं है कि दूसरे आपकी कैसे मदद कर सकते हैं। ये सोचना भी उतना ही ज़रूरी है कि आप उन के लिए क्या कर सकते हैं, और किसी के काम और जीवन में कैसे उपयोग में आ सकते हैं। ये ऑफिस के काम के सिलसिले में हो सकता है या फिर ऑफिस के किसी सदस्य के निजी ज़िंदगी से जुड़ी कोई मुश्किल को हल करना या कठिन समय में साथ देना भी हो सकता है।

हमेशा सीधी और साफ़ बात करें

दूसरों के बारे में खुद ही कुछ सोच लेना या अपनी राय बना लेना सही नहीं है, बल्कि कोशिश करे कि साफ़ साफ़ बात करके किसी भी बात को सुलझा लिया जाए। प्रीति के हिसाब से दूसरों से साफ़ साफ़ बात कर लेने में ही सबसे ज़्यादा समझदारी और फायदा है। जो लोग आप के साथ काम करते हैं उनकी भी निजी ज़िंदगी हैं। दूसरों में अच्छाई ढूंढने से आपका भी अच्छा हो सकता है।

इन सब के साथ ऑफिस में ज़िम्मेदारी उठाना और कभी कभी बिना मांगे मदद के लिए हाथ बढ़ाने से भी बात बन सकती है।