क्या आप जानते हैं सीवी और रिज़्यूम में फर्क?

सीवी और रिज़्युम के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप!

 
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आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि उन्होंने जॉब के लिए आपको अपना रिज़्यूम एचआर को भेजना होगा। वहीं दूसरी ओर लोग कहते हैं कि क्या आपने अपना सीवी तैयार किया है? यदि आपको किसी कंपनी में रिज़्यूम लाने के लिए कहा जाए और दूसरे इंटरव्यू में आपसे सीवी की फरमाइश हो, तो एक ही तरह के ये दो शब्द सुनकर शायद आप कन्फ्यूज़ हो जाएं, लेकिन इसका हल है हमारे पास। क्योंकि आज हम आपको बताने जा रहे हैं इन दो शब्दों में आखिर क्या फर्क है।

क्या है रिज़्यूम?

रिज्यूम आपको नौकरी के लिए इंटरव्यू तक ले जाता है

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दरअसल सीवी और रिज़्यूम में लगभग एक ही तरह की जानकारी लिखी होती है। जिसकी वजह से आप समझ नहीं पाते कि इन दोनों में क्या अंतर है। मुंबई की एक जानीमानी कंपनी में एचआर के तौर पर कार्यरत शीतल पवार बताती हैं, रिज्यूम आपके करियर को लेकर बनाया हुआ एक ऐसा फॉर्मेट होता है, जिसमें आपके अचीवमेंट के बारे में शॉर्ट में लिखा होता है। जिसे आसानी से पढ़ा जा सके और जल्द से जल्द उसके बारे में फैसला लिया जा सके। रिज्यूम आपको नौकरी के लिए इंटरव्यू तक ले जाता है, जिसे आपको एचआर को आधिकारिक मेल पर भेजना होता है।

रिज्यूम में हर जानकारी शॉर्ट में लिखी जाती है, आपकी स्किल्स और क्वालिफिकेशन के बारे में या किसी स्पेशलाइजेशन के बारे में शार्ट जानकारी दी होती है। इससे रिक्रूटर को आपके अनुभव और क्वालिफिकेशन के बारे में जानकारी आसानी से मिल जाती है। रिज़्युम हमेशा सिर्फ एक या दो पेज का होना चाहिए, जिसमें सिर्फ ज़रूरी बातें लिखी जाती हैं। इसमें आपको करियर, आपके पास्ट जॉब और अचीवमेंट के बारे में लिखने की ज़रूरत नहीं होती। रिज्यूम सिर्फ उस जॉब तक पहुंचने का रास्ता बनता है, वहीं इंटरव्यू के दौरान आप से सीवी की मांग की जाती है। इसीलिए किसी भी जॉब के लिए अप्लाई करने से पहले आपको सबसे पहले रिज्यूम भेजना होता है। इसके बाद जब आप इंटरव्यू के लिए जाते हैं तो आपको सीवी की ज़रूरत पड़ती है।

क्या है सीवी?

सीवी में हमेशा आपको आपके करियर और पढ़ाई के बारे में डिटेल में बताना होता है

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दूसरी ओर सीवी का मतलब है करिकुलम विटे जो एक लैटिन शब्द से मिलकर बना है। जिसका मतलब होता है आपके करियर का पूरा ब्यौरा। सीवी में हमेशा आपको आपके करियर और पढ़ाई के बारे में डिटेल में बताना होता है। यह 2 से 3 पेज तक का हो सकता है। कभी-कभी यह 4 पेज का भी बनाया जा सकता है। सीवी में आपकी उन सभी डिटेल के बारे में लिखना होता है, जो आप नौकरी के इंटरव्यू के दौरान सामने वाले को बताना चाहते हैं। आपकी स्किल्स, जॉब्स, पिछले जॉब्स पोजीशन, डिग्री के बारे में और स्पेशलाइज़ेशन कोर्स के बारे में आप इसमें बता सकते हैं।

इसके अलावा आप अपने पर्सनल लाइफ के अचीवमेंट के बारे में भी लिख सकते हैं। सार्वजनिक तौर पर आपके द्वारा किया गया काम या किसी काम के लिए दिया गया योगदान और अचीवमेंट सीवी में बता सकते हैं। सीवी हमेशा आपको इंटरव्यू के दौरान मांगा जाता है। जिससे आपके करियर के बारे में सब कुछ जाना जा सकता है। सीवी अधिकतर नए लोगों से, जिन्हें फ्रेशर कहा जाता है, उन कैंडिडेट से मांगा जाता है। क्योंकि उन लोगों को जॉब के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती। जरूरी नहीं कि आप एक्सपीरियंस है तो आपसे सीवी नहीं मांगा जाएगा, कुछ कंपनियों में सीवी की डिमांड की जाती है, इसीलिए सीवी हमेशा तैयार रखें।

ध्यान देने लायक बातें

शीतल का मानना है कि यदि आप किसी कंपनी में एचआर के सामने सीवी प्रस्तुत कर रहे हैं, तो उसमें झूठी बातें नहीं लिखनी चाहिए। क्योंकि एचआर आपके किसी भी अचीवमेंट के बारे में विस्तार से पूछ सकती हैं। यदि आप इसे बताने में नाकाम रहे, तो आपको नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।यह आपका फर्स्ट इम्प्रेशन भी हमेशा के लिए खराब कर सकता है। इसीलिए अपने बारे में और अपने करियर को लेकर सीवी में हमेशा सच लिखें।

अगली बार यदि आप से कोई रिज्यूम मांगे या सीवी, आपको पता होगा कि आपको किस समय पर एचआर को क्या सबमिट करना है।