यूट्यूब पर ओशुमी ऐसे दे रही हैं रीजनल भाषा को बढ़ावा

कैसे अपनी हर रोज़ की दिनचर्या को इंटरनेट पर किया मशहूर

 
oshumu regional language

पहली बार जब आप उनसे मिलेंगे तो ऐसा लगेगा जैसे कि आप ही के पड़ोस की कोई महिला हैं जो अपने दिन की बात शेयर कर रही हैं।

पर ये हैं ओशुमी, एक यूट्यूबर, जो यूट्यूब पर आने वाले ज़्यादातर लोगों से बहुत अलग हैं – क्योंकि बाकियों की तरह ओशुमी अंग्रेज़ी में नहीं, बल्कि अपनी भाषा में वीडियो बनाती हैं और इसी तरह उन्होंने काफी लोगों का दिल जीता है, जो हमेशा अंग्रेज़ी नहीं बल्कि कभी अपनी खुद की भाषा में भी चीज़ें देखना पसंद करते हैं।

आज का भारत ये समझ चुका है कि अगर आपको आगे बढ़ना है, तो ये ज़रूरी है कि आप भारत में बोले जानी वाली अलग अलग भाषाओं को भी उतना ही तवज्जो दें, जितना अब तक हम अंग्रेज़ी को देते आए हैं। यहां तक कि गूगल और ऐमेज़ॉन जैसे बड़े नामों को भी ये बात समझ आ चुकी है और अब वो भारतीय भाषाओं में काम कर रहे हैं। तो ऐसे में ओशुमी का ये काम, जो वो चुपचाप अपने यूट्यूब चैनल पर कर रही हैं, वो भी कुछ कम मायने नहीं रखता।

आप शायद उन गिनी चुनी व्लॉगेर्स में से हैं जो यूट्यूब पर भारतीय भाषा में व्लॉग करती हैं?

मुझे बाकियों का इतना नहीं पता, पर जहां तक यूट्यूब पर बंगाली में व्लॉग बनाने की बात है, तो हां, मैंने इतने लोगों को अभी तक ऐसा करते हुए नहीं देखा है। ज़्यादातर लोग अंग्रेज़ी में बोलना, या फिर हिंदी और अंग्रेजी में बोलना पसंद करते हैं, चाहे उनकी मातृ भाषा कुछ भी हो, क्योंकि हो सकता है ऐसा करने से ज़्यादा लोग उन्हें समझ पाते हैं।

तो फिर आपने ऐसा क्यों नहीं किया?

बंगाली मेरी मातृभाषा है और ये वो भाषा भी है जिसमें मैं बोलने में सबसे ज़्यादा आसानी महसूस करती हूं। यहां तक कि मैं तो सोचती भी इसी भाषा में हूं, तो मेरे लिए बंगाली में सोचकर फिर उसका अंग्रेज़ी में अनुवाद करके काम करना बहुत ही अजीब हो रहा था। शुरू शुरू में मैंने अंग्रेज़ी में व्लॉग करने की कोशिश भी की, पर जल्द ही मैंने बंगाली में काम करना शुरू कर दिया और वही कर रही हूं।

आप यूट्यूब और व्लॉगिंग में कैसे आईं?

oshumu with family
मेरे परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया है

मुझे हमेशा ही खाना बनाने का और अलग अलग रेसीपी कोशिश करने का शौक़ रहा है। मैंने ऐसे ही यूट्यूब पर एक चैनल शुरू कर दिया था जहां मैं ये सब शेयर करती थी। मैं रसोई में खाना बनाती थी और मेरा बेटा उसे फिल्म करता था, और यूट्यूब पर डालने में मेरी मदद करता था। शुरू में मुझे एडिटिंग, वॉइस देना, शूट करना – ये सब कुछ भी ठीक से समझ नहीं आता था। पर मेरे परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया। उन्होंने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया कि मैं ऐसा करती रहूं, और जल्द ही मेरे दर्शकों की मात्रा भी बढ़ती गई। धीरे धीरे मेरे दर्शक मुझसे अलग अलग रेसीपी की मांग करने लगे और मुझसे खाना बनाने के टिप्स मांगने लगे। ऐसे शुरू हुआ मेरा यूट्यूब का सफर शुरू हुआ।

व्लॉगिंग कैसे शुरू किया?

शुरुआत तो मैंने रेसीपी चैनल से की थी। ऐसा करते हुए मैं अलग अलग चीज़ों के बारे में भी बात करती रहती थी, और मेरे दर्शक मुझसे मेरी ज़िन्दगी से जुड़ी चीज़ों के बारे में भी पूछते रहते थे। तब मैंने सोचा कि एक अलग चैनल शुरू कर लेती हूं, जहां लोगों को मेरे बारे में और मेरी दिनचर्या के बारे में और पता चल सकता है।